दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने किया देने का ऐलान किया है. रविवार को आम आदमी पार्टी के दफ्तर में पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान अरविंद केजरीवाल ने यह ऐलान किया. केजरीवाल ने कहा कि अगले दो दिन में विधायकों की बैठक होगी और नया सीएम चुना जाएगा. केजरीवाल की तरफ से यह भी ऐलान किया गया है कि मनीष सिसोदिया भी अब नए मंत्रिमंडल में कोई पद नहीं लेंगे.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ने मुझ पर बेईमानी, भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. अब जनता की अदालत में मेरी ईमानदारी का फैसला होगा. दो-तीन दिन में विधायकों की बैठक में नया मुख्यमंत्री चुना जाएगा. चुनाव तक में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा. मनीष सिसोदिया भी कोई पद नहीं लेंगे. उनका भी यही सोचना है.
अरविंद केजरीवाल के 2 दिन में इस्तीफा देने के प्रश्न पर दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा है कि रविवार और सोमवार की छुट्टी है. इस वजह से वर्किंग डेज 17 सितंबर को होगा. इसी वजह से अरविंद केजरीवाल ने दो दिन का वक्त लिया है.
अरविंद केजरीवाल हाल ही में लंबे समय जेल में रहे हैं और सुप्रीमकोर्ट ने उन्हें कुछ दिन पहले ही जमानत दी है. जमानत की शर्तों में यह शामिल है कि वह मुख्यमंत्री के ऑफिस में नहीं जाएंगे और ना ही किसी फाइल पर हस्ताक्षर करेंगे. इन शर्तो का पालन करते हुए अरविंद केजरीवाल ने अब मुख्यमंत्री पद ही छोड़ देने का ऐलान किया है.
अरविंद केजरीवाल का पूरा फोकस अब हरियाणा के चुनाव पर है. हरियाणा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन नहीं हो सका है. इसके बाद यहां सभी 90 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने प्रत्याशी उतारे हैं. केजरीवाल का पूरा फोकस हरियाणा में चुनाव प्रचार पर रहेगा. जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में भी अरविंद केजरीवाल प्रचार कर सकते हैं.
पार्टी की सभा में आज अरविंद केजरीवाल भगत सिंह की जेल में लिखी किताब “भगत सिंह की जेल डायरी” लेकर पहुंचे थे. केजरीवाल ने कहा कि 90-95 साल बाद आजाद भारत में क्रांतिकारी मुख्यमंत्री जेल गया. 15 अगस्त से 3 दिन पहले मैंने एलजी से कहा था कि मेरी जगह आतिशी को तिरंगा फहराने दिया जाए. यह चिट्ठी एलजी तक नहीं पहुंची.

अरविंद केजरीवाल के इस्तीफा देने के बाद 17 सितंबर को नया मुख्यमंत्री चुना जाएगा. सूत्रों की माने तो आतिशी, कैलाश गहलोत, गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज और सुनीता केजरीवाल में से कोई एक मुख्यमंत्री बन सकता है.
अरविंद केजरीवाल 177 दिन जेल में काटने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत लेकर जेल से बाहर आये है. लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें जेल के बाहर आकर चुनाव प्रचार करने की आजादी मिली थी. अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ईडी और सीबीआई ने कई मुकदमे दर्ज किए हैं. जिस मामले में अरविंद केजरीवाल को जमानत मिली है वह दिल्ली में आबकारी नीति घोटाले से संबंधित मामला है. इस मामले में सीबीआई जांच कर रही है.
अरविंद केजरीवाल के अलावा इस मामले में संजय सिंह और मनीष सिसोदिया जेल जा चुके हैं. एक दूसरी आरोपी के. कविता की रिहाई भी कई महीने बाद 27 अगस्त को की गई है.
