सेना में अग्निवीर योजना को लेकर अब चुनाव के बाद संसद में मोर्चे खुल गये है। आज लोकसभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निवीर योजना से पैर पीछे खींचने से साफ इनकार कर दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब हमारी योजना आएगी तो हम अग्निवीर खत्म कर देंगे।
अग्निवीर योजना पर चुनावी समर में हुई बयानबाजी पर सरकार का रूख साफ करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में जबाब दिया है। उन्होने कहा कि यह योजना बहुत सोच समझकर लाई गई है। यहां यह भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इस प्रकार की योजनाएं दुनियां के कई देशों में चल रही है। उन्होने अमेरिका और ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर किसी को इस योजना को लेकर आपत्ति नहीं है।
रक्षामंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना के बारे में बिना समझे, बिना जाने, योजना के संबंध में पूरी जानकारी हासिल किए बिना.. इस तरीके से सदन को गुमराह करना, इसे कदापि उचित नहीं ठहराया जा सकता। राजनाथ सिंह ने अपने भाषण के अंत में लोकसभा स्पीकर से अनुरोध करते हुए कहा कि इस विषय को सदन की कार्रवाई से बाहर निकाल दिया जाना चाहिए।

राहुल गांधी का दो टूक जबाब-
राहुल गांधी ने राजनाथ सिंह के भाषण खत्म करते ही सदन में कहा कि यह सिंपल सी बात है।इनको अग्निवीर अच्छा लगता है, आप इसे रखिए। हम उसे बदल देंगे, हटा देंगे। हमारी सरकार आएगी तो हम अग्निवीर को हटा देंगे।
राजनाथ सिंह ने चुनाव से पहले अग्निवीर योजना को लेकर उठे सवालों के बाद कहा था कि वह विचार करेगें और सुधार करेगे।
अग्निवीर योजना का असर-
केंद्र सरकार मोदी 2.0 के दौरान सेना में भर्ती की अग्निवीर योजना लेकर आई थी। इस योजना में जवानों को नौकरी करने के लिए सिर्फ चार साल का वक्त मिलता है। बाद में भर्ती किए गए जवानों में से बेहतर परफॉर्मेंस देने वाले कुछ फीसदी जवान ही लंबे समय के लिए सेना की सेवा में रखे जाते हैं। इस योजना को लेकर नौजवानों का जीवन अधर में अटका हुआ है।
इंडिया गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में अग्निवीर योजना को चुनावी मुद्दा बनाया था। गठबंधन का मानना है कि यह योजना नौजवानों के कैरियर पर बुरा असर डाल रही है। चुनावी मुद्दा बनाये जाने के बाद यूपी, बिहार में इसका खासा असर चुनावी नतीजों में देखने को मिला था। जमीनी तौर पर सेना के लिए शारीरिक परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या भी अब कम होती जा रही है।
अग्निवीर पर क्रांति करने वाले जयंत चुप-
जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल भी इस समय एनडीए की सरकार का हिस्सा है। जयंत चौधरी अग्निवीर योजना को लेकर शुरुआत में विरोध करते रहे है। इस योजना के विरोध में जयंत चौधरी ने एनडीए के साथ जुड़ने से पहले दर्जनों महापंचायतें की थी। लोकसभा चुनाव के दौरान जयंत चुनावी मंचों से इस योजना के बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे लेकिन उनकी पार्टी के नेताओं ने दावा किया था कि एनडीए की सरकार आने पर इस योजना को वापस लिया जायेगा। लेकिन मोदी 3.0 में शामिल जयंत चौधरी आज सदन में रक्षामंत्री के इस बयान के बाद चुप हैं।
