अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में आज से पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू हो गया है. पुजारियों को मंदिर में अब एक तय पोशाक पहननी होगी. इसके अलावा मंदिर में अब स्मार्टफोन ले जाना भी प्रतिबंधित किया गया है. नये नियमों के अनुसार स्मार्टफोन पर प्रतिबंध वाला नियम अब पुजारियों पर भी लागू होगा.
श्रीरामजन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट ने कई महीने पहले इन नियमों को 1 जुलाई से लागू करने की घोषणा कर दी थी. आज से ये नियम लागू कर दिये गये है. नये नियमों के मुताबिक मंदिर के पुजारियों को अब पीताम्बरी चौबंदी पहननी होगी. चौबंदी के साथ धोती और सिर पर साफा भी पहनना अनिवार्य है. यह साफा सूती केसरिया धोती से बनाया जायेगा. चौबंदी के नीचे पहनने वाली धोती का रंग भी केसरिया रखा गया है.

दरअसल, पहले भी मंदिर के पुजारी चौबंदी पहनते थे लेकिन अनिवार्यता ना होने की वजह से कोई इसे पहनता था और कोई नही. धर्मशास्त्र के अनुसार पुजारियों को ऐसे वस्त्र नही पहनने चाहिए जिनमें सिर या पांव डालना पड़े. इसलिए चौबंदी पहनने की व्यवस्था धर्मशास्त्र में है. ड्रेस कोड लागू होने से सभी पुजारी एकरूपता में दिखाई देगें.
इसके अलावा अब मंदिर में फोन ले जाना भी प्रतिबंधित किया गया है. आज से लागू नियम के अनुसार मंदिर में पुजारी भी फोन नही ले जा सकेगें. पिछले दिनों मंदिर में पानी टपकने की वीडियो सामने आने के बाद इस नियम के लागू होने की चर्चाऐं थे. पिछले दिनों मंदिर के बाहर हनुमान जी की मूर्ति के खंडित होने का फोटो भी मंदिर प्रांगण से बाहर आया था.
मंदिर में पानी टपकने पर मंदिर ट्रस्ट ने सफाई दी थी कि यह वीडियो उस स्थान का नही है जहां रामलला विराजमान है.
अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के पुजारियों का ट्रस्ट द्वारा चयन किया गया है और उन्हें बाकायदा हर महीने वेतन भी दिया जाता है. पुजारियों की टीमें के 5-5 घंटे मंदिर में सेवा देने का नियम भी आज से लागू किया गया है.
