उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की चिट्ठी से घमासान मच गया है। चिठ्ठी के सार्वजनिक होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अनुप्रिया पटेल ने योगी सरकार पर चिट्ठी में आरोप लगाए थे कि अन्य पिछड़ा वर्ग और एससी एसटी की रिजर्व सीटों को ‘नॉट फाउन्ड सूटिबेल’ बताकर राज्य सरकार सामान्य वर्ग के लोगों को नौकरियों में भर्ती कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा है कि जब से बीजेपी केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार में आई है, पीडीए परिवार के साथ भेदभाव हो रहा है। पीडीए, बहुजन समाज, अल्पसंख्यक समाज, पिछड़े या फिर दलित समाज के लोग जिन्हें आरक्षण की वजह से जीवन जीने को मिलता था, उसके आरक्षण के साथ लगातार सरकार खिलवाड़ कर रही है।
अखिलेश यादव ने अनुप्रिया पटेल की चिठ्ठी को ढोंग बताया है।
अखिलेश यादव ने 2022 से अपनी पार्टी को पीडीए पर फोकस किया है जिसका नतीजा लोकसभा 2024 के चुनाव में देखने को मिला। पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक लोगों को इस चुनाव में आगे लाकर अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा की बंपर सीटें जीती है। अखिलेश यादव और कांग्रेस गठबंधन की इस जीत के बाद उत्तर प्रदेश की सरकार पहले से ही बैकफुट पर है और अब अनुप्रिया पटेल की चिट्ठी ने उसे असहज कर दिया है।
हालांकि सरकार की ओर से एक पत्र जारी करके अनुप्रिया पटेल को जवाब दिया गया है कि जो आरोप उनकी ओर से सरकार पर लगाए गए हैं, वह निराधार हैं। यूपी सरकार ने यह भी बताया है कि आरक्षित नौकरी के लिए आरक्षित सीटों पर किस तरीके से भर्ती होती है। यह भर्ती सभी नियमों का पालन करते हुए की जाती है।
