उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पेपर लीक को लेकर मुंह की खा चुकी भाजपा अब पुन: परीक्षा में बेहद सजग है. यूपी की भाजपा सरकार ने इस बार यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर बेहद चौक से इंतजाम किए हैं. 23 अगस्त से यह परीक्षा उत्तर प्रदेश के हर जिले में शुरू होगी. परीक्षा पर निगरानी के लिए यूपीएसटीएफ को जिम्मेदारी दी गई है.
व्यवस्था में जुटे अधिकारियों ने सबसे पहले परीक्षा केंद्र के स्टाफ पर नकेल कसी है. परीक्षा केंद्र का स्टाफ केवल आधी संख्या में ही परीक्षा के दौरान मौजूद रहेगा. बाकी स्टाफ को दूसरे परीक्षा केंद्र पर तैनात किया जाएगा. परीक्षा से करीब 12 घंटे पहले पता चलेगा कि उन्हें कहां ड्यूटी करनी है.

अबकी बार पुलिस भर्ती परीक्षा में बैठने वाले पुरुष अभ्यर्थियों को दूसरे मंडल तक परीक्षा देने जाना होगा. पुरुष अभ्यर्थियों को दूसरे मंडल में और महिला अभ्यर्थियों को दूसरे जिले में परीक्षा देनी होगी. भर्ती बोर्ड में इस तरह अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र पर बैठना सुनिश्चित किया है.
परीक्षा के दौरान एडमिट कार्ड पर चस्पा फोटो की अपडेटेड तकनीक से जांच की जाएगी. इस जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा और इसके जरिए यह पुष्टि की जाएगी की परीक्षा में बैठने वाला अभ्यर्थी ओरिजिनल है अथवा नहीं. फोटो की जांच का जिम्मा उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपा गया है.
परीक्षा केंद्र पर चेकिंग के लिए अबकी बार उत्तर प्रदेश पुलिस तैनात की गई है. पिछली परीक्षाओं में यह जिम्मेदारी परीक्षा केंद्र के स्टाफ की होती थी. अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक भी परीक्षा केंद्र पर एंट्री के दौरान लिया जाएगा. इसके अलावा आधार कार्ड भी लिया जाएगा.
हर परीक्षा केंद्र पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिससे वहां होने वाली गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों के जरिए देखी जा सके. इसके अलावा आदेश-निर्देश भी इस कंट्रोल रूम के जरिए दिए जा सकेंगे. इससे ऊपर स्तर का कंट्रोलरूम जिला मुख्यालय पर बनाया गया है. जहां से हर परीक्षा केंद्र पर नजर रखी जाएगी. हेडक्वार्टर में बना हुआ कंट्रोल रूम हर जिले में हो रही गतिविधि पर नजर रखेगा.
भर्ती परीक्षाओं में लिप्त रहने वाले सॉल्वर्स और नकलचियों के गैंग पर बीते एक हफ्ते से नकेल कसना शुरू हुई है. ऐसे में वह सॉल्वर और नकलची जो जेल से बाहर हैं उनको उठाया जा रहा है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है. इसके अलावा नकल करने वाले और पेपर लीक करने वाले गैंग से जुड़े हुए बदमाश भी पुलिस और यूपीएसटीएफ अपने अपने रडार पर लिए हुए हैं.
अकेले मेरठ में करीब 500 से ज्यादा फोन नंबर है जो सर्विलांस पर लगाए गए हैं. यह वह फोन नंबर है जो पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े हुए बदमाशों के हैं और उन लोगों के भी हैं जो व्हाट्सएप के जरिए उनसे कनेक्ट है.
