अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. विधायक दल की बैठक में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी को सर्वसम्मति से नया मुख्यमंत्री चुना गया है. 26-27 सितंबर को विधानसभा में आतिशी अपना बहुमत साबित करेंगी. अरविंद केजरीवाल ने अपना इस्तीफा दिल्ली के उपराज्यपाल को सौंप दिया है.
मंगलवार सुबह सीएम आवास पर विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई जिसमें आम आदमी पार्टी के 57 विधायक शामिल हुए. कालकाजी विधानसभा से विधायक आतिशी को इस बैठक में मुख्यमंत्री चुना गया. आतिशी के नाम का प्रस्ताव आप नेता अरविंद केजरीवाल ने बैठक में रखा था जिस पर सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से मुहर लगाई.
अरविंद केजरीवाल की सरकार में कैबिनेट मंत्री रही आतिशी के पास वित्त, शिक्षा और राजस्व समेत 14 महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रही है. आतिशी केजरीवाल की पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की बेहद करीबी मानी जाती है. नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अब शुरू होगी.
अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल को अपना इस्तीफा सौप है. यह इस्तीफा आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा जाएगा. इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उपराज्यपाल आतिशी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे और शपथ ग्रहण समारोह की तारीख देंगे.
आतिशी के माता-पिता दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रहे हैं और वह एक राजपूत पंजाबी फैमिली से आती है. उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी दिल्ली में हुई है. उन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज से हिस्ट्री में ग्रेजुएट किया है. इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी चली गई थी.
आतिशी के मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने के बाद आम आदमी पार्टी से नाराज आप की राज्यसभा सांसद और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस मौके पर एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री एक ऐसी महिला को बनाया जा रहा है जिनके परिवार नेआतंकी अफजल गुरू को फांसी की सजा से बचाने के लिए राष्ट्रपति से अपील की थी.
