फतेहपुर में किरन ने अपने पति के साथ मिलकर अपने बॉयफ्रैंड विजय निषाद की हत्या कर दी और उसकी लाश को ग्लाइन्डर से टुकड़े करके ठिकाने लगा दिया. लाश के टुकड़ों को जलाकर अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाया गया.
किरन का पति कामता गुजरात के सूरत में काम करता था. पति घर से बाहर था इधर किरन की विजय के साथ आंखें चार हो गयी. प्रेम इतना आगे चला गया कि पति-पत्नी के रिश्ते की मर्यादा भी भूल गया. विजय और किरन आपस में मिलते थे और जमकर अय्याशी करते थे. मगर महीनों से चला आ रहा यह सिलसिला कहानी में कामता की एंट्री के बाद थम गया.

4 महीने पहले कामता गुजरात से लौट आया और वह अब अपने घर पर पत्नी के साथ रह रहा था. इधर, किरन से मुलाकात ना होने के कारण विजय परेशान हो उठा. उसने किरन पर मिलने का दबाब बनाया. मगर किरन उसकी बांहों में ना आ सकी. विजय ने किरन से मिलने के लिए दूसरा तरीका अपनाया. उसने किरन को ब्लैकमेल करना शुरू किया. धमकी दी कि अगर वह उसके पास नही आयी तो उसके साथ अपने अंतरंग पलों की तस्वीरें और वीडियो वायरल कर देगा.
किरन डर गयी. उसे अपना घर टूटता हुआ दिखाई दिया. उसने पति के सामने विक्टिम कार्ड खेलकर विजय की ब्लैकमेलिंग की कहानी बयान कर दी. पति ने सोचा और फिर किरन के साथ मिलकर इस डर को खत्म करने की प्लानिंग की.
पत्नी किरन को प्लानिंग बताकर कामता ने विजय को घर बुलाया. विजय घर आया और उसे दबोचकर उसकी हत्या कर दी गयी. अब दोनों के सामने विजय की लाश को ठिकाने लगाने का टास्क था. कामता ने ग्लाइन्डर और आरी से विजय की लाश के टुकड़े किये. उन्हें कई बोरों में भरा और अलग-अलग इलाकों में उन्हें जलाकर खत्म करने की कोशिश की. एक स्थान पर विजय की जली हुई लाश के साथ उसका अधजला जूता छूट गया.
उधर, विजय के घरवाले परेशान थे. 8 मई से विजय गायब था. पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गयी. परिवार पुलिस अफसरों से मिला और विजय की तलाश करने की गुहार लगाई. पुलिस ने जब विजय की कॉल डिटेल खंगाली तो किरन के साथ उसकी लंबी बातें मिली. बस पुलिस ने इसी एंगल पर काम करना शुरू किया.
पुलिस किरन के पास पहुंची और कामता समेत उसे थाने ले आयी. मगर दोनों सख्तजान थे. पूछताछ में घटना को नकार गये. पुलिस ने फिर उनके फोन तलाशने शुरू किये. फोन की वाचहिस्ट्री में पुलिस को कुछ अलग सी चीजें मिली. पिछले दिनों पति पत्नी ने मर्डर केस की धारा, उसकी सजा और सजा से बचने के तरीके तलाश किये थे. उन्होने गूगल का इस्तैमाल करके यह भी सर्च किया कि लाश को कैसे ठिकाने लगाया जाये. उन्होने कई मर्डर मिस्ट्री से जुड़ी बेबसीरीज भी देखी थी.
पुलिस समझ गयी. फिर दोनों के ऊपर सख्ती की तो दोनों टूट गये. पूरी कहानी बयान कर दी और कामता ने पुलिस के साथ जाकर विजय की अधजली लाश और जूता बरामद कराये. परिजनों ने जूते के आधार पर विजय की शिनाख्त की है. पुलिस ने अधजली लाश के डीएनए सैंपलिंग की है और नमूनों को लेब भेजा है. पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी करके मर्डर और मर्डर के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए इस्तैमाल किये गये उपकरण बरामद किये है.
