यूपी एसटीएफ ने एक लाख के इनामी और कुख्यात शूटर सुमित सिंह उर्फ मोनू चवन्नी को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया है. आज सुबह करीब 4:00 बजे जौनपुर में यूपी एसटीएफ और मोनू चवन्नी के गैंग से मुठभेड़ हुई. गोली लगने के बाद मोनू चवन्नी को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई. मुठभेड़ में शामिल रहे दो बदमाश फिलहाल फरार है.
यूपी एसटीएफ को सूचना मिली थी की एक लाख का इनामी सुमित सिंह उर्फ मोनू चवन्नी जौनपुर में मूवमेंट कर रहा है. आज सुबह 4 बजे बदलापुर की पीली नदी के पुल पर गुजरते हुए बोलेरो में सवार मोनू चवन्नी को रोका गया तो उसने गाड़ी दौड़ाते हुए एसटीएफ पर फायरिंग शुरू कर दी. पहले से अलर्ट एसटीएफ ने भी जवाबी फायरिंग की जिसमें मोनू चवन्नी के मुंह पर गोली लगी.

एसटीएफ ने मुठभेड़ के स्थल से शूटर की एक-47, 9 एमएम पिस्टल, कारतूस और बोलेरो कार बरामद की है.
मोनू चवन्नी उत्तर प्रदेश और बिहार का शातिर शूटर था. वह बिहार के कुख्यात शहाबुद्दीन गैंग के लिए भाड़े पर हत्याएं किया करता था. उसके खिलाफ 24 से अधिक मुकदमे दर्ज है जिसमें अकेले हत्या के 10 मामले हैं.
मोनू चवन्नी ने बिहार के सिवान में 23 नवंबर 2014 को भाजपा सांसद के प्रतिनिधि श्रीकांत भारती की हत्या कर दी थी. यूपी एसटीएफ की माने तो मोनू सुपारी किलर की तरह भाड़े पर हत्याएं किया करता था.

23 सितंबर 2014 को बलिया के कारोबारी परशुराम तिवारी और उनके बेटे की हत्या की गई थी. वारदात के बाद मोनू चवन्नी ने कारोबारी की पत्नी को फोन कर गवाही ना देने की धमकी भी दी थी. यह मामला अदालत में लंबित एक केस में गवाही से जुड़ा हुआ था.
मोनू चवन्नी के तार देश के 5 से ज्यादा राज्यों में फैले हुए थे. हत्याओं को अंजाम देने के बाद वह उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, छत्तीसगढ़, बिहार, जम्मू कश्मीर और मध्य प्रदेश में अंडरग्राउंड हो जाता था. मोनू चवन्नी मूल रूप से मऊ जिले के नरई इमलिया का निवासी था.
