उत्तर प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले अभी थमे नहीं है कि यूपी लोक सेवा आयोग की नयी धांधली ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को हिलाकर रख दिया है. यूपी लोक सेवा आयोग ने स्वीकार किया है कि यूपीपीसीएस ज्यूडिशल परीक्षा में 50 से ज्यादा प्रतियोगियों की कॉपियां बदली गई है. इस घटना के खुलासे के बाद तीन जूनियर अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.
यूपीपीसीएस (ज्यूडिशल) की मुख्य परीक्षा में 50 कॉपियां बदली गई है. इस तथ्य को यूपी लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में लिखित तौर पर स्वीकार किया है. आयोग ने हाईकोर्ट में दिए शपथपत्र में यह बात मानी है कि परीक्षा में धांधली हुई है.
यूपी लोक सेवा आयोग के मुताबिक इस परीक्षा में रिश्वत लेकर कॉपियों के बंडलों को गलत कोडिंग करके रखा गया और फिर बाद में 50 कॉपियों को बदल दिया गया. इस परीक्षा में भर्ती होने वाले प्रतियोगी यूपी पीसीएस (ज्यूडिशल) सेवा के अधीनस्थ कोर्ट में जज बनाए जाते हैं.
यूपी लोक सेवा आयोग में हुए इस घपले के बाद आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत सवालों के घेरे में है. सवाल यह भी है कि जब आयोग को कॉपियां बदले जाने की जानकारी थी तो उसने समय रहते अपने स्तर से कोई एक्शन क्यों नही लिया.
हैरत की बात यह है कि कॉपिया बदले जाने की जानकारी राज्य सरकार से भी छुपायी गयी. मामले के खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. परीक्षा में हुई धांधली को लेकर कुछ प्रतियोगी अपनी याचिका लेकर हाईकोर्ट गए थे. इस मामले में अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी.
