उड़ीसा के जगन्नाथपुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान भगदड़ मच गई. यात्रा के दौरान कुछ भक्त रथ खींचने के लिए जबरन आगे आए जिससे भगदड़ जैसा माहौल बन गया. अफरा-तफरी के बीच एक श्रद्धालु की दम घुटने से मौत हो गई है. इस दौरान दर्जनों श्रद्धालु घायल भी हुए हैं.
रविवार सुबह तय समय पर पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा धूम-धाम से प्रारंभ हुई. दूर-दूर तक लाखों श्रद्धालु इस रथ यात्रा के दर्शन के लिए मौजूद थे. भगवान बलभद्र का रथ खींचने के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यवस्था की थी. इसी दौरान हल्की भगदड़ मची जिसमें कई लोग शिकार बन गए. एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए है. एक पुलिसकर्मी का पैर भी इस दौरान टूट गया.

उड़ीसा के पुरी में 12वीं सदी से श्रीजगन्नाथ भगवान की विशाल रथयात्रा का पारंपरिक आयोजन किया जाता है. विशाल रथों में सवार भगवान को श्रद्धालु अपने हाथों से खींचकर ढाई किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना करते हैं. पीतल के झांझ और ढोल की थाप पर ताल से ताल मिलाते हुए श्रद्धालु जय जगन्नाथ और हरि बोल के जयकारे लगा रहे थे.
सबसे पहले भगवान बलभद्र के लगभग 45 फीट ऊंचे रथ को खींचा गया. उसके पीछे देवी सुभद्रा और फिर भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा में शोभा बढ़ा रहे थे. भगवान की एक छवि देखने के लिए लाखों भक्त लालायत दिखे.
करीब 53 साल बाद इस बार भगवान जगन्नाथ की यात्रा दो दिनों की है. इस यात्रा के दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए. उन्होंने जगन्नाथ रथ को जोड़ने वाली रस्सियों को खींचकर प्रतीकात्मक रूप से रथयात्रा की शुरुआत की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को श्री जगन्नाथ रथयात्रा की शुभकामनाएं दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- “हम महाप्रभु जगन्नाथ को नमन करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि उनका आशीर्वाद हम पर निरंतर बना रहे”
कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों ने भी देशवासियों को रथयात्रा की शुभकामनाएं दी है.
