झांसी में एक शादीशुदा महिला ने लेखपाल की सरकारी नौकरी मिलते ही पति से किनारा कर लिया. महिला ने 5 साल पहले मंदिर में प्रेम विवाह किया था. पीड़ित पति नियुक्ति समारोह में महिला को तलाश करते हुए पाया गया. उसने अफसरों के अलावा मीडिया के जरिये भी अपनी पत्नी से घर लौटने की प्रार्थना की है.
झांसी के नीरज विश्वकर्मा और रिचा सोनी कई बरसों से एक-दूसरे से प्यार करते थे. रिचा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था और वह चाहते थे कि रिचा नीरज से अलग रहे. लेकिन परिवार की मंशा के खिलाफ जाकर दोनों ने 5 साल पहले प्रेमविवाह कर लिया. यह विवाह एक मंदिर में आयोजित हुआ. पवित्र मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर प्रांगण में दोनो ने साथ फेरे लिये थे और साथ जीने मरने की कसमें खायी थी.
नीरज और रिचा प्रेम से अपना वैवाहिक जीवन यापन करने लगे. नीरज ने रिचा की इच्छाओं का मान रखते हुए उसे आगे की पढ़ाई लिखाई कराई और फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में उसका साथ देने लगा. रिचा ने कई परीक्षाओं में प्रतिभाग किया. पिछले साल यूपी सरकार की लेखपाल भर्ती में उसका नंबर आ गया. कुछ महीने पहले जब नियुक्ति पत्र दिया जाना तय हो गया तो रिचा घर छोड़कर चली गयी.
उसने नीरज के खिलाफ मैन्टेनेंस का मुकदमा दायर कर दिया. लेकिन नीरज अपनी गृहस्थी सामान्य करने के लिए बार-बार रिचा से घर लौटने की आरजू मिन्नत करता रहा. 10 जुलाई को यूपी सरकार ने अंतत: रिचा को लेखपाल की नियुक्ति का प्रमाणपत्र दे दिया. झांसी में आयोजित इस समारोह में नीरज रिचा की तलाश करता नजर आया. भरी हुई आंखों से उसने मीडिया के कैमरों के सामने रिचा से गुहार की कि वह घर लौट आये.
