मेरठ के बुलंदशहर मार्ग पर स्थित एक इंटर कॉलेज नगर निगम के कूड़े के पहाड़ से प्रभावित है. इस स्कूल के छात्र और स्टाफ बुरी तरह बीमार हो चले हैं. इस समस्या को लेकर अब क्षेत्रीय लोग और पार्षदों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आंदोलनकारी का आरोप है कि कूड़ा निस्तारण प्लांट में जबरदस्त भ्रष्टाचार है.
कूड़े के पहाड़ से मात्र डेढ़ सौ मीटर दूर पंडित बक्शी दास स्मारक इंटर कॉलेज स्थित है. इस कॉलेज की अनदेखी करके कई साल पहले यहां पर नगर निगम ने कूड़ा डालना शुरू किया. आज यहां ऊंचे-ऊंचे कूड़े के पहाड़ बन चुके हैं. इन दिनों हो रही बारिश से सड़ रहे कचरे की दुर्गंध से इस स्कूल के छात्र-छात्राएं और स्टाफ बुरी तरह प्रभावित हैं. स्कूल का हवा और पानी दोनों दूषित हो चले हैं. इतना ही नहीं, आसपास के करीब 12 गांव की एक लाख से ज्यादा की आबादी बीमार होने के कगार पर खड़ी है.
स्कूल के प्रधानाचार्य देवेंद्र पवांर ने बताया कि साल के 365 दिन में करीब 100 दिन से अधिक छात्र-छात्राएं बीमारी के चलते छुट्टी पर रहते हैं. एक सप्ताह में तीन शिक्षक पिछले दिनों बीमार रहे हैं. इसके अलावा कई बच्चे भी बीमारी की चपेट में आ चुके हैं. बारिश से बदबू बढ़ जाती है. नतीजा यह है कि कॉलेज में कोई भी बिना मास्क के या मुंह पर रूमाल बांधे अंदर नहीं आ सकता. यहां शिक्षक व बच्चों का कचरे की दुर्गंध से दम घुट रहा है.
बुलंदशहर मार्ग पर लोहिया नगर में करीब 600 मैट्रिक टन कचरे के निस्तारण की नगर निगम के अफसर के पास कोई योजना नहीं है. नगर निगम अफसरों का दावा है कि एनटीपीसी जल्द ही कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने जा रहा है. नगर निगम के अफसर इससे पहले साढे तीन करोड रुपए खर्च करके यहां पर कूड़ा प्लांट लगाने का मन बनाये बैठे हैं. बीजेपी के पार्षदों ने इसका विरोध किया है.
