उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज त्रिपुरा की धरती से एक आक्रामक बयान दिया है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की स्मृति जब हम सबके सामने आती है तो उनके एक हाथ में मुरली है और दूसरे में सुदर्शन होता है लेकिन अब केवल मुरली से काम नहीं चलेगा बल्कि रक्षा के लिए सुदर्शन की आवश्यकता है. सुदर्शन जिसके पास होगा तो किसी का बलिदान देने की जरूरत नहीं होगी.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज त्रिपुरा के बड़काथल में श्री सिद्धेश्वरी मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. त्रिपुरा सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में डबल इंजन की सरकार है जो डबल स्पीड में सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है.
हम सबके सामने धार्मिक क्षेत्र में भी प्रगति उल्लेखनीय है. उन्होंने बांग्लादेश का नाम लिए बगैर कहा कि बगल में आपके हजारों किलोमीटर की सीमा के पार जो हमारे बंधुगण रह रहे हैं, उनकी क्या स्थिति है यह आपसे छुपा नहीं है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान पाकिस्तान पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 1947 से पहले कौन लोग थे जो भारत के दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन के लिए जिम्मेदार थे. उन लोगों के बारे में सही जानकारी देने की आवश्यकता है. याद रखना 1905 में अंग्रेजों की जो बंग भंग की साजिश थी. उस समय के समाज ने उसे सफल कर दिया था.
उन्होने कहा कि ऐसे ही मुस्लिम लीग की साजिशों को भी विफल करने के लिए उस समय का कांग्रेस नेतृत्व और जोगेंद्र नाथ मंडल मिलकर पानी फेरने का काम करते तो पाकिस्तान जैसा नासूर नहीं बनता.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मानवता की सेवा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है. यही उनका एकमात्र उद्देश्य है. यही वह संगठन है जिनके नेतृत्व में इस सदी का सबसे बड़ा आंदोलन देश भर में चलाया गया जिसका नतीजा आज अयोध्या में दुनियां के सामने है.
उन्होंने कहा कि अयोध्या जैसा सम्मान काशी और मथुरा को भी मिलना चाहिए. अयोध्या काशी और मथुरा सनातन धर्म के मजबूत स्तंभ है.
