लग्जरी फ्लैट बनाने वाली कंपनी की निवेशकों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में ईडी ने मंगलवार को चार शहरों में छापा मारा है. इस कंपनी के निदेशकों का शारदा एक्सपोर्ट के नाम से देश-विदेश में कारोबार है. मेरठ, दिल्ली, चंडीगढ़ और गोवा के 11 से अधिक ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है. नोएडा के लोटस-300 प्रोजेक्ट में निवेशकों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में यह एक्शन लिया गया है.
मेरठ के साकेत में आदित्य गुप्ता और आशीष गुप्ता के आवास, रिठानी में उनके ऑफिस और गगोल रोड की फैक्ट्री में सुबह 7:30 बजे से ईडी की टीमों ने छापेमारी शुरू की. 8 गाड़ियों में सवार होकर पहुंची ई़डी टीम ने इन प्रतिष्ठानों पर एंट्री की और जांच शुरू कर दी. यह जांच देर रात तक जारी रही. इस दौरान ईडी ने सभी ठिकानों से संदिग्ध दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां, कंप्यूटर की हार्डडिस्क और मोबाइल आदि कब्जे में लिए हैं.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ईडी को नोएडा में हैसिंडा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लोटस-300 प्रोजेक्ट के निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की जांच का आदेश दिया था. आरोप था कि प्रोजेक्ट के नाम पर निवेशकों से जुटाई गयी रकम दूसरे प्रोजेक्ट में हस्तांतरित कर दी गयी. हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीमकोर्ट ने रोक लगा गयी थी. अदालत ने कानूनी कार्रवाई जारी रखने को कहा था. इसके बाद ही छापे मारे गए हैं.
शारदा एक्सपोर्ट ने फ्लैट बनाने के नाम पर 636 करोड रुपए जुटाये थे. इस प्रोजेक्ट में 330 फ्लैट बनाने के लिए निवेशकों से पैसा जुटाना गया था. आरोप है कि कंपनी ने लोगों को फ्लैट देने के बजाय प्रोजेक्ट की 7 एकड़ भूमि दूसरे बिल्डर को बेच दी. इसके बाद निवेशकों ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा में कंपनी और निदेशकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे.
इस मामले में नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों की भूमिका पर भी तमाम सवाल खड़े हुए है. मंगलवार देर रात तक कंपनी के निवेशकों के साकेत स्थित बंगला 192-ए पर ईडी जांच करती रही. रिठानी के ऑफिस में और गगोल रोड की फैक्ट्री में भी ईडी की जांच जारी थी. देर रात के बाद ईडी जांच करके गंतव्य के लिए रवाना हो गयी.
आदित्य गुप्ता और आशीष गुप्ता रियल एस्टेट के अलावा मूलरूप से कारपेट और फर्नीचर के बड़े एक्सपोर्टर हैं. वह और उनके पिता केंद्र और राज्य सरकारों के भी बेहद खास रहे हैं. गुप्ता बंधु के पिता जितेंद्र गुप्तास्वच्छ भारत अभियान समिति के सदस्य के तौर पर प्रधानमंत्री के नवरत्नों में शामिल रहे है. इन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में 4000 से ज्यादा शौचालय निशुल्क अपने पैसों से बनवाये और केंद्र सरकार के लिए लगभग एक करोड रुपए खर्च किए.
