उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले पुलिस कर्मियों के लिए खजाना खोल दिया है. सरकार ने वर्दी भत्ते में 70% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. इस बढ़ोतरी का लाभ निरीक्षक से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मियों तक पहुंचेगा. प्रदेश में इस ऐलान के बाद करीब 4 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर पुलिसकर्मियों के लिए बड़े ऐलान किए हैं. नए आदेश के मुताबिक अब मुख्य आरक्षी व आरक्षी को प्रत्येक वर्ष ₹3000 के बदले ₹5000 वर्दी भत्ता प्रदान किया जाएगा. वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी से 58 करोड रुपए का अतिरिक्त व्यय भार राज्य सरकार को उठाना पड़ेगा. इससे पहले 2019 में राज्य सरकार ने वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी की थी.
मुख्यमंत्री ने नए बने बहुमंजिला भवनों के रखरखाव के लिए 1380 करोड़ के कॉरपस फंड, बलिदानियों के स्वजन को दी जाने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया को सरल किए जाने, कुशल खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व अन्य सुविधाओं के लिए 70 लाख के बजट को बढ़ाकर 10 करोड़ किए जाने, बैरक में रहने वाले पुलिसकर्मियों के आवास भत्ते में बढ़ोतरी किए जाने की घोषणा भी की है.
इससे पूर्व उन्होंने बलिदानी पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की. शोक परेड के बाद योगी ने बलिदानी सिपाही रोहित कुमार व सिपाही सचिन राठी के स्वजन को भी सम्मानित किया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2023-24 में कर्तव्य के पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों में उत्तर प्रदेश के दो बहादुर पुलिसकर्मी शामिल है. जांबाज पुलिस कर्मियों को यह सर्वोच्च बलिदान हमें निरंतर कर्तव्य पथ पर पूर्ण निष्ठा, मनोयोग व दायित्व का बोध कराता रहेगा. यह हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा.
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की कर्तव्य पालन के दौरान मृत्यु होने की दशा में राज्य सरकार द्वारा पत्नी व माता-पिता के जीवित नहीं रहने की दशा में शासनादेश के अनुरूप के अन्य आश्रितों को पूर्ण धनराशि नहीं मिल पा रही थी. शासनादेश में संशोधन करते हुए अब अनुग्रह की संपूर्ण राशि 25 व 50 लाख रुपए जो भी संबंधित कर्मी को अनुमन्य होगी, वह उसके वारिस को उपलब्ध कराई जाएगी.
पुलिस विभाग में आकस्मिक ड्यूटी के चलते मुख्य आरक्षी व आरक्षी को बैरकों में रहना पड़ता है. एक लाख से अधिक ऐसे पुलिसकर्मियों के लिए वर्ष 2013 में पुलिस आवास भरती की व्यवस्था की गई थी जिसमें प्रस्ताव के अनुरूप बढ़ोतरी की गई है. जिससे पुलिस बल के एक चौथाई से अधिक अल्प वेतन भोगियों को लाभ मिलेगा. इस पर 47 करोड रुपए का अतिरिक्त व्यय भार राज्य सरकार उठाएगी.
