ईरान में सरकार के ख़िलाफ़ चल रहे व्यापक प्रदर्शनों के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है। इसी बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की आशंका गहराती जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि एक “बड़ा समुद्री बेड़ा ईरान की दिशा में बढ़ रहा है”, हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि सैन्य कार्रवाई की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
इन घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन चर्चा के केंद्र में है। यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत हिंद महासागर में प्रवेश कर चुका है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इसे मध्य पूर्व में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को मज़बूत करने के लिए तैनात किया गया है।
यूएसएस अब्राहम लिंकन पहले भी कई बार अरब की खाड़ी और ओमान सागर में तैनात रह चुका है। जानकारों का मानना है कि इस तैनाती का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना और किसी भी संभावित टकराव के लिए सैन्य तैयारी दिखाना है।
मौजूदा हालात में पूरी दुनिया की निगाहें मध्य पूर्व पर टिकी हुई हैं।
