हाथरस में नारायण साकार विश्वहरि उर्फ भोलेबाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ में अब तक 116 महिलाएं और बच्चों के मारे जाने की खबर है. हाथरस के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में आज से सत्संग का आयोजन शुरू किया गया था. कार्यक्रम के समापन के दौरान भगदड़ मची उसके बाद मौतों का सिलसिला शुरू हो गया.
नेशनल हाईवे संख्या- 02 के किनारे हाथरस के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में आज से सत्संग का शुभारंभ किया गया था। इस सत्संग में आध्यात्मिक प्रवचन के लिए एटा के पटियाली निवासी साकार विश्वहरि उर्फ भोले बाबा पहुंचे थे. सत्संग में बड़ी तादात में महिलाओं और बच्चों की संख्या थी. सभी श्रद्धालु एटा, हाथरस, अलीगढ़, बदायूं, मैनपुरी, फिरोजाबाद, आगरा, इटावा समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आए थे. सत्संग में पहुंची कई बसों के श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के बाहर के सूबों के भी थे.
दोपहर बाद जब सत्संग का समापन हुआ तो उमस भरी गर्मी में पंडाल से श्रद्धालुओं के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ. गर्मी और उमस के बीच बिलबिलाते श्रद्धालु एक दूसरे से आगे निकलकर अपने वाहनों तक पहुंचना चाहते थे. इसी दौरान आपाधापी में भगदड़ मच गई. भगदड़ के बाद पीछे वाला आगे वाले को रौंदता हुआ निकल गया. महिलाएं और बच्चे इस दौरान संभल नहीं पाए और हजारों की भीड़ के पैरों तले कुचले गए.
थोड़ी ही देर में चारों तरफ चीत्कार और हाहाकार मच चुका था. कई लोग पंडाल और उसके बाहर मरे हुए पड़े थे. बहुत से घायल थे. वहां मौजूद लोगों ने एक-दूसरे की मदद करना शुरू की और मौके पर मुहैया टेंपो, ट्रैक्टर और छोटे ट्रकों के जरिए नजदीकी अस्पतालों की तरफ घायलों को लेकर दौड़ लगा दी. कुछ घायल एटा की ओर भी दौड़े तो कुछ पास के कस्बे सिकंदराऊ की ओर, कुछ लोगों ने हाथरस की तरफ भी रुख किया.
एटा में मृतकों की संख्या जो सबसे पहले निकलकर सामने आई, वह 27 थी. इसके बाद मौके पर मौजूद मृतकों को किसी तरह नजदीकी पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाया गया.
जिले के पुलिस-प्रशासन को पहली सूचना के दौरान यहां मची भगदड़ के बारे में बता दिया गया था लेकिन अधिकारियों ने इसे मामूली घटना समझा और गैर अनुभवी हाथरस के डीएम और एसपी मौके की नजाकत को भांप नहीं पाए. नतीजतन साधनों का इंतजाम वक्त रहते नहीं हो सका. जब मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा तो एसपी और डीएम मौके पर पहुंचे.
शाम 8 बजे तक मृतकों की संख्या 116 हो चुकी थी. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और छोटे बच्चे थे. लखनऊ में मुख्यमंत्री के आदेश के बाद डीजीपी प्रशांत कुमार और चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह मौके की ओर रवाना हो गए. आगरा और अलीगढ़ में बेफिक्र आराम फरमा रहे जोन, रैंज और मंडल के अफसरों की नींद मुख्यमंत्री के निर्देश आने के बाद टूटी और मौके पर अफसर निरीक्षण करने पहुंचे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दु:ख प्रकट किया है. प्रधानमंत्री ने सीएम योगी को फोन करके राहत कार्यों की जानकारी ली और मौके पर एनडीआरएफ की टीमों के साथ पीएमओ के अफसरों को अलर्ट किया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आसपास के जिले में मौजूद मंत्रियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के आदेश दिए और आसपास के जिलों को भी अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया.
साथ ही अधिकारियों को सामंजस्य बनाकर इस चिंताजनक घटना से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करने का आदेश दिया गया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों के इलाज के लिए 50-50 हजार रुपए का मुआवजा दिए जाने का ऐलान किया है.
