हाथरस में आयोजित सत्संग में मची भगदड़ के बाद अब तक 116 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में अधिकतर बच्चे और महिलाऐं है. कुछ चश्मदीदों ने दावा किया है कि सत्संग के बाद जब भोले बाबा निकले तो उनकी “चरण रज” लेने के लिए महिलाओं में होड़ मच गयी. महिलाओं को रोकने के लिए उन पर पानी फैंका गया और भगदड़ मच गयी.

सुबह साढ़े 10 बजे के करीब सत्संग शुरू हो चुका था. समापन के बाद वहां से साकार विश्वहरि भोलेबाबा बाहर निकले. इस दौरान बाबा की “चरण रज” लेने की परंपरा है. महिलाओं में “चरण रज” लेने के लिए होड़ मच गयी. पीछे वाला आगे निकलना चाहता था. अत्याधिक भीड़ को रोकने के लिए बाबा के वालिन्टियर्स ने वाटर कैनन से महिलाओं पर पानी फैंकना शुरू कर दिया.
पानी की वजह से महिलाऐं फिसलना शुरू हो गयी. एक के ऊपर एक और ना जाने कितने लोग जमीन पर गिर पड़े और पीछे आ रहे लोगो के पैरों तले कुचलना शुरू हो गये. साकार विश्वहरि तो निकल गये लेकिन पीछे मची भगदड़ के बीच महिलाऐं और बच्चे कुचलकर मरने लगे. कितनों ही लोग भगदड़ का शिकार बनने से घायल हुए.
आगरा की एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने “चरण रज” लेने की होड़ में मची भगदड़ की बात दैनिक भास्कर को दिये अपने एक बयान में कही है. साथ ही उनका कहना है कि किसी भी तथ्य तक पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी. मामले की जांच शुरू हुई है. सभी तथ्यों पर विचार के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी.
कई चश्मदीदों ने भी “चरण रज” लेने की होड़ में मची भगदड़ के तथ्य का समर्थन किया है.
