उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस सत्संग मौत कांड में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की है. सभी आरोपी आयोजन समिति के सदस्य और सेवादार थे. इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं. इस घटना में अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है.
अलीगढ़ रेंज के आईजी शलभ माथुर ने प्रेस कांफ्रेंस करके इस पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है उनमें मैनपुरी का रामलड़ैते यादव, शिकोहाबाद का उपेंद्र यादव, हाथरस का मेड सिंह, मंजू यादव, मुकेश कुमार और मंजू देवी शामिल हैं. सत्संग का पूरा आयोजन इन्हीं की देखरेख में किया गया था.
आईजी शलभ माथुर ने बताया कि मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ₹1 लाख का इनाम घोषित किया है. उसकी तलाश में लगातार पुलिस की कई टीमें जगह दबिशें कर रही हैं. मगर वह अभी तक पकड़ में नहीं आया है.
देव प्रकाश मधुकर हाथरस के मोहल्ला दमदमपुरा की न्यू कॉलोनी का निवासी है. वह पंचायती राज विभाग में इंजीनियर है. घटना के बाद देव प्रकाश मधुकर के घर लोग इकट्ठा हुए लेकिन देव प्रकाश अपने घर में ताला लगाकर पूरे परिवार के साथ फरार हो गया.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा न्यायिक आयोग के गठन के बाद आज आयोग की पहली बैठक लखनऊ के नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में हुई. आयोग के अध्यक्ष हाईकोर्ट के पूर्व जज बृजेश श्रीवास्तव ने कहा कि जरूरत पड़ी तो पुलिस और मीडियाकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे.
आयोग ने कहा कि बहुत जल्दी आयोग की टीम हाथरस जाएगी और घटनास्थल का निरीक्षण करेगी. सबूत इकट्ठा करेगी. 2 महीने में जांच पूरी करके रिपोर्ट सरकार और शासन को सौंप जाएगी. इसलिए हम तेजी से कम कर रहे हैं.
योगी सरकार द्वारा गठित यह न्यायिक आयोग हाथरस सत्संग में भगदड़ के बाद मौतों के मामले में जांच के लिए गठित किया गया है. इसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट इलाहाबाद के रिटायर्ड जज जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव कर रहे हैं. रिटायर्ड आईएएस हेमंत राव और रिटायर्ड डीजी भावेश कुमार सिंह आयोग के सदस्य हैं.
