भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को रूस यात्रा पर निकले और दोपहर बाद मॉस्को के वान्युकोवो-2 हवाई अड्डे पर पहुंचे. यहां उनका भव्य स्वागत किया गया. रूस प्रशासन के वरिष्ठतम अधिकारी डेप्युटी पीएम भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगवानी करने एयरपोर्ट तक पहुंचे. माना जा रहा है कि स्वागत में भारत-रूस के मजबूत संबंधों को लेकर चीन के लिए भी संकेत छुपा हुआ है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को होने वाली बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने आधिकारिक आवास पर आमंत्रित किया. यहां पर दोनों नेताओं में रात्रिभोज किया. पीएम मोदी के सोमवार को पुतिन के सरकारी आवास पहुंचने पर पुतिन ने गले मिलकर और हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया. यहां दोनों नेताओं के बीच एक खास दोस्ती देखने को मिली.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन के आमंत्रण के लिए उन्हें धन्यवाद किया तो दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति ने पीएम के काम करने के जज्बे की जमकर तारीफ की. माना जा रहा है कि रात्रिभोज के बाद पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब रात्रिभोज के लिए राष्ट्रपति के सरकारी आवास पर पहुंचे तो रूसी राष्ट्रपति ने उनका जोरदार स्वागत किया. रात्रिभोज के बाद पुतिन ने पीएम मोदी को गोल्फकार्ट में बैठाकर सरकारी आवास के आसपास सैर कराई और इस दौरान पुतिन खुद ही गोल्फकार्ट ड्राइव कर रहे थे.
इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन का धन्यवाद करते हुए कहा कि मित्र के घर आना हमेशा अच्छा होता है. आपने मुझे खाने और साथ में गप्पे मारने के लिए बुलाया. वहीं पुतिन ने पीएम मोदी की ऊर्जा की सराहना की. उन्होंने कहा कि एक नेता के रूप में वह भारत के लिए अच्छा काम कर रहे हैं. भारत की आर्थिक स्थिति की सराहना करते हुए पुतिन ने कहा कि भारत अर्थव्यवस्था के मामले में दुनियां के तीसरे और जनसंख्या के मोर्चे पर पहले स्थान पर है. रूसी राष्ट्रपति ने तीसरी बार सत्ता में आने के लिए मोदी को बधाई दी.
यूक्रेन युद्ध के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली रूसी यात्रा है. पीएम मोदी ब्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर वार्ता करने के लिए सोमवार को रूस पहुंचे थे. पीएम मोदी की इस यात्रा को व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ और संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेश्कोव ने कहा कि दोनों नेताओं की शिखर वार्ता का एजेंडा व्यापक है. वार्षिक शिखर वार्ता बारी-बारी से भारत और रूस में आयोजित किए जाते हैं. पिछला शिखर सम्मेलन 6 दिसंबर 2021 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था. इसके साथ ही पेश्कोव ने कहा कि पश्चिमी देश पीएम मोदी की यात्रा को ईर्ष्या से देख रहे हैं.
