अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला और साहित्य के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करने वाली शायरा शबीना अदीब मेरठ में बैन कर दी गई है. मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले के मुशायरा में उन्हें आने से रोका गया है. भाजपा नेताओं ने उनके ऊपर केंद्र सरकार के खिलाफ नज्म गाने के आरोप लगाए हैं. शबीना अदीब को मेरठ जिला प्रशासन ने मुशायरा में आने का न्योता भेजा था जो अब वापिस ले लिया गया है.
मेरठ बीजेपी के महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज ने 19 जुलाई को दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के आयोजन का न्योता पत्रकारों को भेजा. इस न्यौते में लिखा गया था कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस शबीना अदीब की मुशायरा में शिरकत के विरोध में है. इस संबंध में नगर निगम की अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय को शहर के मेयर हरिकांत अहलूवालिया के कैंप ऑफिस पर बुलाकर ज्ञापन सौंपा जाएगा. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेरठ शहर के मेयर और भाजपा नेता हरिकांत अहलूवालिया भी महानगर अध्यक्ष के साथ सहभागी थे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो पाता, उससे पहले ही जिला प्रशासन को इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की खबर लग गई. जिला प्रशासन ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को मैनेज करते हुए रद्द कर दिया और भाजपा नेताओं को आश्वासन दिया कि शबीना अदीब 20 जुलाई को आयोजित मुशायरा में शिरकत नहीं करेंगी. उनको मुशायरा में आने के लिए मना कर दिया गया है.
भाजपा नेताओं का आरोप था कि शबीना अदीब ने केंद्र सरकार को निशाना बनाकर कुछ साल पहले एक नज्म गायी थी जिसमें उन्होंने खुलकर केंद्र सरकार की मुखालफत की थी और उनको अपशब्द भी कहे थे.
इस मुशायरे का आयोजन राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी के पूर्व मंत्री डॉ0 मेराजुद्दीन कराते हैं. डॉ0 मेराजुद्दीन ने आयोजक होने के नाते जिला प्रशासन के आदेश को सिर माथे लिया है. उनका कहना है कि इस तरह का विरोध बेजा है. शबीना अदीब भारत के साहित्य की बहुत बड़ी शख्सियत है और पूरे विश्व में उनका नाम है. उन्होंने नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार के खिलाफ खुलकर कभी कुछ नहीं कहा. वैसे, शायर, लेखक और कवियों का काम सरकार की आलोचना करने का होता है.
