प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के श्रीगणेश के साथ ही आध्यात्मिक क्षेत्र की एक सनसनी ने सबसे ज्यादा खबरों की सुर्खियां बटोरी है.. नाम है हर्षा रिछारिया. हर्षा रिछारिया उस वक्त मीडिया की सुर्खियां बनी जब महाकुंभ क्षेत्र में अलग-अलग अखाड़ों के काफिले प्रवेश कर रहे थे. भगवाधारी संतों के बीच बैठी खूबसूरत लड़की को देखकर मीडियापर्सन ने सवाल पूछा- “आप इतनी सुंदर है फिर साध्वी क्यों?”
हर्षा रिछारिया बीते करीब 2 वर्षों से आध्यात्मिक जीवन जी रही है. अब वह आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानंद गिरी जी महाराज की शिष्या है. स्वामी श्री कैलाशानंद गिरि जी निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर आचार्य हैं. हर्षा अब ग्लैमर भरे जीवन से मुक्ति पाकर अपने अंतर्मन में शांति खोजने के लिए आध्यात्म की शरण में है. वह अभी साध्वी नहीं बनी है. उन्होंने महामंडलेश्वर से मंत्र दीक्षा ली है.
महाकुंभ में आना उनके लिए परम सौभाग्य का विषय है. ऐसे महाकुंभ का संयोग 144 वर्ष में एक बार बनता है.
हर्षा रिछारिया ने जब महाकुंभ में प्रवेश किया तो सब उन्हें साध्वी समझे थे. लंबी-लंबी जटाएं, माथे पर चंदन और त्रिपुंड और शरीर पर भगवा. हर्षा रिछारिया ने 24 घंटे के अंदर ही यह स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने अभी संन्यास नहीं लिया है. सोशल मीडिया पर उनके तमाम वीडियो वायरल होने लगे.
हर्षा के सोशल मीडिया हैंडल्स से उनके वीडियो डाउनलोड करके हजारों लोगों ने अपने हैंडल्स से पोस्ट किये और कई दिन तक यह जद्दोजहद चलती रही कि इतनी खूबसूरत लड़की साध्वी कैसे हो सकती है?
तीन दिन पहले तक हर्षा रिछारिया खुद को अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल पर एंकर, मॉडल, एक्ट्रेस के रूप में इंट्रोड्यूस करा रही थी. अब उन्होंने अपना परिचय बदल दिया है. अब उनके ट्विटर हैंडल पर उनका परिचय आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानंद गिरि जी महाराज निरंजनी अखाड़ा की शिष्या के रूप में है.
अपने इंट्रो में वह श्रीमद्भागवत गीता का प्रसिद्ध श्लोक भी लिखती है-
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥”
सोशल मीडिया पर चारों तरफ छा जाने के बाद हर्षा ने अपना ट्विटर और इंस्टाग्राम हैंडल अपडेट करना तेजी से शुरू किया है. महाकुंभ की एक-एक गतिविधि वह सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट कर रही है. महाकुंभ स्नान से लेकर अखाड़े में चलने वाली गतिविधियां भी उनके सोशल मीडिया हैंडल्स पर हैं. इसके अलावा वह जिन आध्यात्मिक और धार्मिक विभूतियों से मुलाकात कर रही हैं, उनके बारे में भी फोटो और वीडियोज वह लगातार पोस्ट कर रही है.
हर्षा रिछारिया कुंभ में एकाएक मिली प्रसिद्ध से बेहद खुश है. वह लगातार न्यूज और धार्मिक चैनल्स को इंटरव्यू दे रही है. उनका इंटरव्यू करने वालों में प्रसिद्ध यूट्यूबर और ट्रैवल ब्लॉगर्स भी है. सोशलमीडिया पर उनके फॉलोअर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. हर्षा ने बताया कि उन्होने कई देशों में काम किया है.
हर्षा रिछारिया के बारे में जितनी जानकारी सोशलमीडिया पर है, उसके अनुसार उनका जन्म उत्तर प्रदेश के झांसी में है. उनकी परवरिश भोपाल में हुई है. वह अपने माता पिता की इकलौती बेटी है. हर्षा की मां एक बुटीक चलाती है. वह हर्षा के लिए कपड़े भी डिजाइन करती है. महाकुंभ में हर्षा ने जो कपड़े पहने है वह उनकी मां ने ही डिजाइन किए है.
इसके अलावा वह ट्रैवल ब्लॉगर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर के तौर पर काम करने लगी. 28 साल की उम्र में उन्हें लगा कि उनका जीवन इस ग्लैमर भरी जिंदगी में फिट नहीं बैठ रहा है. तब उन्होंने आध्यात्म की तरफ रूख किया. माना जा रहा है कि इस महाकुंभ के बाद वह संन्यास की तरफ अपने जीवन का रूख मोड़ेगी.
