दिल्ली की एक नाबालिक लड़की ने अपने मां पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। 2016 में यह लड़की अपनी ननिहाल में रहकर पढ़ाई करती थी तभी से उसका चचेरा मामा उसका यौन शोषण कर रहा है। लड़की पैनिक अटैक का शिकार हो गई। एम्स में साइकोलॉजिकल काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने अपने साथ हो रही ज्यादती का खुलासा किया है।

यह बात 2016 की है जब पीड़िता मैच 8 साल की थी। वह कक्षा 3 में पढ़ती थी। ननिहाल में नानी की देखरेख में उसको कक्षा तीन में एडमिशन करा दिया गया। इसी दौरान उसका चचेरा मामा उसके साथ गलत हरकतें करने लगा। यह हरकतें दिनों दिन बढ़ती चली गई। बच्ची नासमझ थी इसलिए अपने साथ हो रखे अपराध के बारे में बहुत कुछ नहीं बता पाई। इसके अलावा आरोपी उसे लगातार डरा धमका भी रहा था।
पीड़िता के साथ इस दौरान कई बार दुष्कर्म किया गया। 3 साल बाद उसके माता-पिता उसे दिल्ली ले गए और उसका दूसरे स्कूल में एडमिशन करा दिया। मगर यहां से जाने के बाद भी वह खौफ से नहीं उबर पाई। उसकी पढ़ाई लिखाई भी प्रभावित रहने लगी। वह अपने माता-पिता के साथ जब भी ननिहाल आती, आरोपी उसे देखते ही उसके साथ छेड़छाड़ किया करता था। इस तरह बरसों गुजर गए।
मानसिक दशा खराब होने पर पीड़िता को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में भर्ती कराया गया। उसकी हालत में इलाज के बाद सुधार हुआ तो उसकी काउंसलिंग भी की जाने लगी। कुछ दिन पहले काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने वर्षों से हो रहे उसके यौन उत्पीड़न की दास्तान डॉक्टर के सामने रखी।
पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद डॉक्टरों ने पीड़िता के पेरेंट्स को काउंसलिंग एरिया से बाहर निकाल दिया और वहां पुलिस बुला ली।
डॉक्टर और काउंसलर की मौजूदगी में पुलिस में पीड़िता के बयान दर्ज किया और फिर इन्हीं बयानों को मेरठ पुलिस को कानूनी कार्रवाई के लिए रेफर कर दिया। जून के पहले हफ्ते में मेरठ पुलिस ने दिल्ली के मालवीय नगर थाने की पुलिस द्वारा रिकॉर्ड किए गए बयानों के आधार पर परतापुर थाने में एक मुकदमा दर्ज किया है।
शुक्रवार को पीड़िता अपने परिवार के साथ मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के ऑफिस पहुंची और उसने आरोपी मां की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी और उसे जेल भेजा जाएगा।
