मेरठ की दिग्गज बीजेपी नेता और पूर्व एमएलसी डॉ सरोजिनी अग्रवाल की बेटी के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया है. सीबीआई ने दो दिन पहले मेरठ में डॉ सरोजिनी के एनसीआर मेडीकल कॉलेज में छापेमारी की थी. डॉ सरोजिनी के कॉलेज और आवास पर यह छापेमारी करीब 9 घंटे तक चली थी.
मेरठ के एनसीआर मेडीकल कॉलेज की असिस्टेंट मैनेजिंग डायरेक्टर शिवानी अग्रवाल के खिलाफ आपराधिक षड़यंत्र रचने, व्यवासियक संस्थान द्वारा सरकारी अफसर को घूस देने या रिश्वत के लिए उकसाने, सरकारी अफसर को रिश्वत देने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. आरोप है कि मेडीकल कालेज की मान्यता के लिए अनुकूल रिपोर्ट पाने हेतु मेडीकल काउन्सिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण के दौरान बड़ा घोटाला किया गया.
निरीक्षण के दौरान मौके पर प्रॉक्सी फैक्ल्टी तैनात दिखाई गयी. जबकि बाद में हुए आईएमसी के निरीक्षण में यह फैक्ल्टी मौके पर नही मिली. इसी तरह निरीक्षण के दौरान अस्पताल की ओपीडी में काल्पनिक मरीजों का प्रवेश दिखाया गया. काल्पनिक मरीजों के प्रवेश को दिखाये जाने के लिए मेडीकल कालेज की बायोमेट्रिक प्रणाली से छेड़छाड़ भी की गयी. सीबीआई ने इन कृत्यों को काफी गंभीर माना है.
इससे पहले सीबीआई मेडीकल काउन्सिल ऑफ इंडिया के उन तीन डॉक्टरों का कच्चा चिठ्ठा खंगाल चुकी थी जो देश के विभिन्न मेडीकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने के लिए अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करते थे. तीनों डॉक्टरों को सीबीआई ने 65 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने फर्जी मान्यता रिपोर्ट्स के वेरीफिकेशन के लिए उन मेडीकल कालेजों की जांच भी की जिनकी मान्यता के लिए इन डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट के जरिये संस्तुति की थी.
इस जांच के दौरान मेरठ के एनसीआई मेडीकल कालेज में तमाम अनियिमितताऐं मिली. सीबीआई के मुताबिक जमीनी तथ्य और जांच रिपोर्ट एकदम से विपरीत है. यह साबित होता है कि मेडीकल कालेज की मान्यता के दौरान भ्रष्टाचार हुआ. इस दौरान अनुकूल रिपोर्ट के लिए कागजों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया. सीबीआई मानती है कि मेडीकल काउन्सिल ऑफ इंडिया की गोपनीयता और शुचिता इस भ्रष्टाचार से भंग हुई है. इसके अलावा ऐसे कृत्य मेडीकल कालेजों में शिक्षा गुणवत्ता को भी प्रभावित करते है. चूकि यह पेशा मानवीय जीवन से जुड़ा हुआ है इसलिए ऐसे भ्रष्टाचार में गंभीर कार्रवाई की आवश्यकता है.
डॉ सरोजिनी अग्रवाल ने समाजवादी पार्टी की नेता और एमएलसी रहते हुए यह मेडीकल कॉलेज स्थापित किया था. स्थापना के समय इस मेडीकल कालेज का नाम मुलायमसिंह यादव मेडीकल कालेज था. बाद में सरोजिनी अग्रवाल और उनके पति का नाम समाजवादी आवास योजना के नाम पर हुए एक रियल स्टेट घोटाले में आया जिसके बाद सरोजिनी अग्रवाल ने समाजवादी पार्टी के पल्ला झाड़ते हुए बीजेपी ज्वाइन कर ली.
बीजेपी में ज्वाइनिंग के बाद सरोजिनी अग्रवाल और उनके परिवार को रियल स्टेट घोटाले से क्लीनचिट मिल गयी और बीजेपी ने उनको अपनी पार्टी का एमएलसी भी बनाया. सरोजिनी अग्रवाल दयानंद नर्सिग होम की भी मालिक है. वर्तमान में इनकी बेटी डॉ हिमानी अग्रवाल यूपी राज्य महिला आयोग की सदस्य है.
सरोजिनी अग्रवाल के पति मेरठ के सबसे प्रतिष्ठित मेरठ कालेज के प्रेसीडेंट है. सरोजिनी अग्रवाल की फैमिली मेरठ की प्रभावशाली, सियासी रसूखोंवाली प्रतिष्ठित फैमिलीज में शुमार होती है. उनके जेठ मेरठ के सेठ दयानन्द गुप्ता थे. बेहद सम्पत्तिशाली होने के साथ शहर के कई बड़े कालेजों में उनका सीधा दखल था. अभी भी अग्रवाल फैमिली कई बड़े कालेजों में अपना दखल रखती है. मेरठ के बाहर भी उनके कई शिक्षण संस्थान और चिकित्सीय संस्थान है.
