मुजफ्फरनगर में स्वामी यशवीर महाराज और उनके संगठन द्वारा ढाबों की चैकिंग मामले पर राज्य सरकार ने अपना रूख कड़ा किया है. राज्य सरकार ने ऐसे सभी व्यक्तियों और समूहो को साफ-साफ कहा है कि ढाबों, दुकानों की चैकिंग का उन्हें अधिकार नही है. ढाबों और दुकानों की चैकिंग फूड सेफ्टी विभाग का काम है.
यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह मंगलवार को मेरठ के कमिश्नरी सभागार पहुंचे और 5 राज्यों के अफसरों के साथ कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक की. मनोज कुमार सिंह से जब स्वामी यशवीर महाराज द्वारा ढाबों की चैकिंग को लेकर सवाल पूछा गया तो चीफ सेक्रेट्री ने सरकार का कड़ा संदेश मीडिया के सामने कहा.
उनका कहना था कि कोई भी व्यक्ति या समूह दुकान और ढाबों की चैकिंग नही करेगा. अगर ऐसा किया तो फूड सेफ्टी विभाग कार्रवाई करेगा. कांवड़ मार्ग में ढाबे, दुकानों की चैकिंग फूड सेफ्टी का ही कार्य है.
मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर पीने के साफ पानी,सफाई और भोजन की समुचित व्यवस्था की जायेगी. शुद्धता के साथ शिविर और ढाबों के संचालन के निर्देश दिये गये है. इस दौरान सिंचाई विभाग नहरों में संतुलित मात्रा में ही पानी छोड़ेगा, यह भी सुनिश्चित कराया जा रहा है.
कांवड़ मार्ग की नहर पटरी की मरम्मत का काम जोरों पर है. पीडब्लूडी, एनएचएआई और अन्य विभागों की 700 किलोमीटर की सड़क कांवड़ मार्ग के रूप में इस्तैमाल होती है. इसमें अभी 25 किलोमीटर में सड़क डालने का काम अगले 2 दिन में पूरा कर लिया जायेगा.
मुख्य सचिव ने कहा कि ढाबों और कांवड़ शिविरों की शुद्धता और सफाई के लिए फूड सेफ्टी के अफसर प्रशिक्षण भी देगें. फूड सेफ्टी सुनिश्चित करायेगा कि हर कांवड़िये को शुद्ध वेजेटेरियन भोजन उपलब्ध हो.
उन्होने यह भी कहा कि मुजफ्फरनगर और रूड़की के बीच कांवड़ और डीजे को असेम्बल करके उनका साइज बढ़ाने का काम होता है. इसे स्थानीय अफसर तत्काल प्रभाव से रोकेगें.
बैठक में शामिल यूपी के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि कांवड़ और डीजे की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नही होगी. जबकि चौड़ाई 12 फीट से ज्यादा नही रखी जा सकेगी. अगर कांवड़ और डीजे मानक से अधिक साइज के पाये जाते है तो कांवड़ उठाने वाले प्वाइंट पर ही अफसर यह सुनिश्चित करेगे कि ऐसी कोई कांवड़ या डीजे आगे ना जाने पाये.
मेरठ में आयोजित इस बैठक में यूपी के तीन जोन के अफसर, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड़ के अफसर भी पहुंचे थे.
