लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तरप्रदेश में मात खा चुकी बीजेपी कांवड़ यात्रा में सियासत का मौका तलाश रही है. सियासत शुरू हो चुकी है और बीजेपी नेताओं ने कांवड़ यात्रा के बहाने बयानबाजी शुरू कर दी है. मुजफ्फरनगर के विधायक और यूपी सरकार के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल और लोनी के बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने यह शुरूआत की है.

यूपी सरकार के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कांवड़यात्रा को लेकर आयोजित पुलिस-प्रशासन की बैठक में मुस्लिम होटलों का मुद्दा गर्म किया है. कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि जो मुस्लिम हिंदू देवी-देवता या हिंदू नामों से कांवड़ यात्रा के दौरान होटल चलाते है उन पर नकेल कसा जाना जरूरी है. ऐसा होने पर शिवभक्त कांवड़ियों की आस्था और भावना आहत होती है.
मंत्री का आरोप था मुस्लिम लोग अपने होटलों को कांवड़यात्रा के दौरान बंदी से बचाने के लिए ऐसा करते है.
लोनी के बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी इसी तरह का मुद्दा गर्म किया है. सोशलमीडिया पर विधायक ने अपना एक वीडियो जारी किया है और बताया है कि गुप्त नवरात्रि और कांवड़यात्रा के दौरान लगने वाली मीट की दुकानें अनिवार्य रूप से बंद की जाये. जिला प्रशासन और पुलिस इस बात का संज्ञान ले.
विधायक ने दावा किया कि उनकी जानकारी में ये दुकानें अभी भी खुली हुई है. विधायक ने चेतावनी जारी करके हुए कहा कि वह खुद इन दुकानों की तलाश में निकलेगें और अगर ऐसा पाया जाता है तो यह बहुत गलत होगा.
कांवड़ यात्रा के दौरान बीजेपी नेताओं के इन मुद्दों को लेकर शनिवार को मेरठ पहुंचे यूपी पुलिस के डीजीपी प्रशांत कुमार से भी सवाल किया गया. डीजीपी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में यह चीजें है. इन पर चर्चा भी की गयी है. बकरीद की तरह आने वाले कार्यक्रम को कुशलता से सम्पन्न करायेगे. इसके लिए वार्ता का रास्ता अपनाया जायेगा.
