बांग्लादेश में नई आरक्षण प्रणाली के खिलाफ हिंसक आंदोलन में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है. छात्र सड़कों पर है और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों के बीच ताजा झड़पों में 95 लोग मारे गए है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश जाने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
बांग्लादेश में पिछले दिनों नये आरक्षण की व्यवस्था की गई है. इस आरक्षण के तहत 1971 में देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है. देश का युवा इस आरक्षण के खिलाफ है. तमाम यूनिवर्सिटीज के छात्रों ने आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. हालात बिगड़ते देख देशभर में तीन दिनों के अवकाश की घोषणा की गई है और कर्फ्यू लगाया गया है.
ताजा झड़पों में रविवार तक 95 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पूरे देश में कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है. कर्फ्यू के दौरान पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है और सभी सोशल मीडिया हैंडल्स के संचालन रोक दिए गए हैं. आंदोलनकारी छात्र प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
एक रिपोर्ट के अनुसार, फेनी में हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा सिराजगंज में चार, मुंशीगंज में तीन, बोगुरा में तीन, मगुरा में तीन, भोला में तीन, रंगपुर में तीन, पाबना में दो, सिलहट में दो, कोमिल्ला एक, जयपुरहाट में एक ढाका में एक और बारीसाल में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
रविवार को प्रदर्शनकारियों और सत्ताधारी आवामी लीग के समर्थकों के बीच झड़प में 72 लोगों की मौत की खबर सामने आई. इसके अलावा बांग्लादेश के अलग अलग हिस्सों में हजारों लोग जुटे और शेख हसीना के इस्तीफे की मांग करने लगे. बताया गया है कि शेख हसीना ने अपने निजी आवास गणभवन में सुरक्षा मामलों की राष्ट्रीय समिति की बैठक बुलाई.
इस दौरान उन्होंने कहा, ‘जो लोग प्रदर्शन के नाम पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वे छात्र नहीं बल्कि आतंकवादी हैं. मैं देशवासियों से अपील करती हूं कि ऐसे लोगों को मजबूती से जवाब दें.’ बैठक में थल सेना, नौसेना, वायुसेना, पुलिस और सुरक्षा से जुड़े उच्च अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार भी मौजूद रहे.
बांग्लादेश की मौजूदा संवेदनशील स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में कहा, ‘मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को अगले आदेश तक बांग्लादेश की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी जाती है. बांग्लादेश में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को अत्याधिक सावधानी बरतने, अपनी गतिविधियों को सीमित रखने और ढाका में भारतीय उच्चायोग के आपातकालीन फ़ोन नंबर 8801958383679, 8801958383680, 8801937400591 के ज़रिए संपर्क में रहने की सलाह भी दी गई है.
