उत्तर-पश्चिम ब्रिटेन में तीन लड़कियों की डांस पार्टी में हुई हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन और हिंसा जोरों पर है. ब्रिटेन के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भी झड़पें हुई है. देश भर में अशांति का माहौल है. पत्थरबाजी और आगजनी आम हो गई है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि आने वाली वक्त में हिंसा होने की आशंका है.
ब्रिटेन में पिछले दिनों लेबर पार्टी की सरकार बनी है और नए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने देश की बागडोर संभाली है. इसके बाद दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों और ब्रिटेन के मूल नागरिकों के बीच संघर्ष शुरू हो गया है. दक्षिणपंथी प्रवासी विरोधी हिंसाओं में 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किया जा चुके हैं. बीते कुछ दिनों में यहां दक्षिणपंथी समूहों से जुड़ी हिंसक झड़पें और अशांति तेजी से बढ़ी है.
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अधिकारियों से चरमपंथियों के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं. लेबर पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही देश भर में हिंसा का माहौल है. ब्रिटिश पीएम ने राइटर्स को चेतावनी दी है और कहा है कि हिंसा में भाग लेने वाले लोग पछताएंगे.
ब्रिटेन के लिवरपूल. हाल, ब्रिस्टल, लीड्स, ब्लैक टूल, स्टॉक ऑन ट्रेड, बिलफास्ट, नॉटिंघम और मैनचेस्टर में शनिवार को हिंसक झड़पें देखी गई. यहां हिंसक भीड़ पत्थरबाजी कर रही थी और शरणार्थियों के लिए बने होटल पर पत्थर फैंकने के अलावा आगजनी की घटनाएं भी हुई है. दुकानों पर हमले हुए हैं और प्रदर्शनकारी दुकानों को जला भी रहे हैं.
शनिवार को पीएम कीर स्टार्मर ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाई और इस दौरान उन्होंने पुलिस को पूरा समर्थन दिया है. उन्होंने पुलिस से कहा है कि हिंसा को काबू करने के लिए जो भी जरूरत हो, करें. प्रधानमंत्री ने कहा कि जो पुलिस पर हमला कर रहे हैं, स्थानीय व्यवस्थाओं को बाधित कर रहे हैं और समुदायों को डरा कर नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार और इसके नाम पर हिंसक कृत्य, दोनों बहुत अलग-अलग चीज है. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा के लिए कोई बहाना नहीं चलेगा. उन्होंने यह भी दोहराया कि हमारी सरकार सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी कार्रवाई करने के लिए पुलिस का समर्थन करती है.
