मेरठ कैंट इलाके के योगेंद्र हाट की झुग्गियों से आधी रात को 2 साल की मासूम बच्ची को एक दरिंदा उठा कर ले गया। बच्ची से दुष्कर्म के दौरान उसने बच्ची को मार डाला और फिर उसकी लाश नाले में फेंक कर फरार हो गया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया है।
मेरठ सदर बाजार थाना इलाके में फ्लेवर रेस्टोरेंट के पास योगेंद्र हाट की झुग्गियां है। यह इलाका एक नाले के किनारे है। शुक्रवार रात करीब एक बजे अपनी मां के पास सो रही 2 साल की मासूम बच्ची को एक दरिंदा उठा कर ले गया। बच्ची के किडनैप के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
अमानवीयता की हदें पार की गई। दर्द से चीख रही बच्ची का मुंह भींच दिया गया। मासूम की मौत हो गई। दरिंदा मासूम की लाश को झुग्गियों के पास बह रहे आबू नाले में फेंक कर फरार हो गया।
अपने आंचल में सो रही बेटी को जब मां ने गायब पाया तो पूरी झुग्गी इलाके में एक-एक कर सब जगह ढूंढा लेकिन बिटिया नहीं मिली। सुबह हुई तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तलाश शुरू की तो थोड़ी दूर पर बेटी की लाश नाले में पड़ी हुई नजर आई। शव की बरामदगी के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी खंगालने शुरू किये। कई घंटे मशक्कत की और दरिंदे का पता ढूंढ लिया।
इलाके में सीसीटीवी फुटेज में दरिंदे की तस्वीर जब कई लोगों को दिखाई तो पता चला कि इसका नाम मोइस है और वह बिहार का रहने वाला है। लाल कुर्ती बाजार में पिंकी छोले भटूरे के प्रतिष्ठान में मोइस मजदूर का काम करता था। पुलिस ने मोइस को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया। उसने पुलिस को बताया कि रात को वह शराब पीकर सोया हुआ था लेकिन उसे नींद नहीं आई। उसके अंदर का शैतान जाग गया। उसने झोपड़िया में ताक झांक शुरू की तो वहां मां के पास सो रही बिटिया नजर आई। उसने बेटी को उठाने की योजना बनाई।
पहले चार दफा जब वह झोपड़ी की तरफ गया तो सामने से कोई ना कोई वाहन निकलता नजर आया। पांचवी कोशिश में वह मां के पास सो रही बेटी को उठा लाया। बच्ची के साथ अमानवीयता के दौरान उसने बच्ची की हत्या कर दी और शव को नाले में फेंक दिया।
दरिंदे की अमानवीयता की शिकार बनी बेटी अपने माता-पिता की पहली और अकेली संतान थी।
पुलिस ने गिरफ्तार मोइस का मेडिकल कराया। अस्पताल जाते वक्त वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए एसएसपी के आदेश पर कई पुलिस टीमें लगाई गई।
शहर के एक इलाके में पुलिस टीम ने उसे खोज लिया। उसे पकड़ना चाहा तो उसने पुलिस के ऊपर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की दो गोलियां उसके दोनों टांगों में लगी है। उसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
एसएसपी विपिन ताडा ने बताया है कि कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी की रिमांड मांगी जाएगी और केस से जुड़े हुए सबूत हासिल किए जाएंगे। पुलिस इस तथ्य की भी जांच करेगी कि फरार होने के बाद उसके पास असलहा कहां से आया। कौन-कौन उसके इस अपराध में साझेदार हैं।
