मेरठ में एक परिवार को कत्ल करके घर के अंदर बंद कर दिया गया. हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद घर के दरवाजे पर ताला लगा दिया और फरार हो गए. आज रिश्तेदारों ने जब तलाश की तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीन मासूम बेटियों की लाशें मिली है. पुलिस इस वारदात को रंजिश से जोड़कर देख रही है.
मेरठ शहर के लिसाड़ीगेट इलाके में सुहैल गार्डन नाम की एक कॉलोनी है. गुरुवार देर शाम करीब 8:30 बजे यह खबर मिली कि सुहैल गार्डन के एक घर में 5 लाशें पड़ी हुई है. पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. यह घर राजमिस्त्री का काम करने वाले मोईन का था.

दरअसल, मोईन के परिवार को बुधवार से किसी ने नहीं देखा. इस परिवार में मोईन अपनी पत्नी आसमां और तीन मासूम बेटियों के साथ रहता था. मोईन के घरवाले आज उसे ढूंढते हुए मोहल्ले में पहुंचे. सभी से जानकारी करने के बाद भी मोईन का पता नहीं चला तब किसी ने कहा कि घर के अंदर ही देख लिया जाए. परिजनों ने जब घर के अंदर झांका तो चारपाई के नीचे मोइन के बंधे हुए पैर नजर आए. इसके बाद परिजनों ने घर का दरवाजा ताला तोड़कर खोला.
घर के अंदर मोइन का शव पड़ा हुआ था. उसका गला किसी धारदार हथियार से काटा गया था और उसके चेहरे को प्लास्टिक की कट्टे से बांध दिया गया था. उसके पांव रस्सी से बंधे हुए थे.
परिजनों ने मोईन के अलावा बाकी लोगों की भी घर में तलाश की. लेकिन एकबारगी तो कोई दिखा ही नहीं. घर का बेड खोलकर देखा गया तो सबके पैरों तले जमीन खिसक गई. बेड के बॉक्स में 4 शव पड़े हुए थे. मोईन की पत्नी और तीनों बच्चों के यह शव थे. सभी की धारदार हथियार से काटकर हत्या की गई थी.
बच्चों के शवों को प्लास्टिक के कट्टों से पैक कर दिया गया था. घर में चारों तरफ खून बिखरा पड़ा था.

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने आला अधिकारियों को सूचना दी और फिर मौके पर थानेदार और फॉरेंसिक टीम के अधिकारी पहुंचे. अधिकारियों के मुआयने के बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं.
डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया है और पूरे इलाके की तलाशी कराई जा रही है.
इसके अलावा अधिकारियों के निर्देश के बाद इलाके की पुलिस ने पूरे मोहल्ले के घरों की छानबीन की है. यह भी तलाशा जा रहा है कि मोहल्ले से कौन अप्रत्याशित रूप से गायब है.
मोईन के परिवार से किसी भी तरह की रंजिश नहीं थी लेकिन इस वारदात में जिस तरह कत्ल किए गए उससे रंजिश होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

मोईन का परिवार कुछ साल से ही इस इलाके में रहता था. कुछ महीने पहले तक पूरा परिवार एक किराए के मकान में था. मोईन ने किसी तरह मेहनत मजदूरी करके एक छोटे से घर का निर्माण कराया. इसके बाद पूरी फैमिली इसी में शिफ्ट हो गई थी. मोहल्ले के लोगों से परिवार का व्यवहार बेहद अच्छा था और उनकी किसी से रंजिश भी नहीं थी.
मौका-ए-वारदात पर एसएसपी, आईजी और एडीजी ने भी मुआयना किया है और अधीनस्थ अधिकारियों को वारदात के खुलासे के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं.
