रविवार को खेलों के महाकुंभ पेरिस ओलंपिक का शानदार समापन हो गया. अगला ओलंपिक 2028 में लॉस एंजिल्स में होगा. ओलंपिक में इस बार भारत का रैंक पिछली बार से भी खराब है. 6 पदकों के साथ भारत 71 में स्थान पर रहा जबकि पाकिस्तान भारत से आगे है.
पेरिस ओलंपिक में भारत के खिलाड़ियों ने छह पदक जीते. नीरज चोपड़ा का एकमात्र सिल्वर मेडल आया है. उन्होंने यह पदक भाला फेंक स्पर्धा में जीता है. 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में मनु भाकर ने कांस्य पदक जीता. मनु भास्कर का इसी स्पर्धा की मिश्रित टीम में भी एक कांस्य पदक है जिसमें उनके साथी खिलाड़ी सरबजोत सिंह भी शामिल हैं.
50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में स्वप्निल कुसाले ने कांस्य पदक जीता है. सबसे शानदार मुकाबला भारतीय पुरुष हॉकी टीम का देखने को मिला. हॉकी टीम ने ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया है.
कुश्ती में फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम स्पर्धा में अमन सहरावत ने भी कांस्य पदक जीता है. रेसलिंग स्पर्धा में विनेश फोगाट से गोल्ड की उम्मीद थी लेकिन बेहतरीन फार्म के बावजूद इस स्पर्धा में कोई मेडल नही आ सका. ओलिंपक के फाइनल तक पहुंची विनेश फोगाट को ओवरवेट होने के चलते ओलंपिक से बाहर कर दिया गया था.
ओलंपिक 2024 को मनु भाकर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से लेकर विनेश फोगाट के विवाद तक याद किया जाएगा. मनु भाकर ने अपने इस ओलंपिक में दो कांस्य पदक लेकर बेहतरीन उपलब्धि हासिल की है. टोक्यो ओलंपिक 2000 में भारत ने पदक तालिका में अपना 48 वां स्थान बनाया था लेकिन इस बार वह और नीचे चला गया. पदक तालिका में भारत 71वें स्थान पर रहा.
भारत पेरिस ओलंपिक में कुछ और पदक भी जीत सकता था लेकिन बेहद नजदीकी मुकाबले में खिलाड़ी हार गए और पदक से चूक गए. देश के 6 खिलाड़ी ऐसे रहे जो चौथे स्थान पर थे और कांस्य पदक लाने से चूक गए. बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन कांस्य पदक मैच में हार गए थे. मीराबाई चानू सिर्फ एक किलोग्राम से कांच पदक लाने से चूक गई. किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि सात्विक सांईराज रैंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी पदक के बिना ही ओलंपिक से विदा हो जाएंगे. देश के 117 सदस्यों के दल में महज 6 पदक आना एक तरह से 140 करोड़ भारतीयों की आशाएं टूटने जैसा है.]
